निबंध: दिवाली का त्योहार | Diwali Essay in Hindi

diwali essay in hindi

दिवाली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है | दिवाली के विषय पर कई बार विभिन्नकक्षाओं के छात्रों को निबंध लिखना होता है | इस आर्टिकल में आपको मिलेगा Diwali Essay in Hindi / दिवाली के त्यौहार पर निबंध 100, 200, 300, 500, तथा 800 शब्दों की श्रेणी में पांच निबंध | तो आइये देखते हैं :

दिवाली पर निबंध /Diwali Essay in Hindi

निबंध: 1 (100 शब्द)

दिवाली पर निबंध (100 शब्द) / Diwali Essay in Hindi (100 Words)

परिचय 

दिवाली एक महत्वपूर्ण भारतीय त्यौहार है | दिवाली प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है | इसे प्रकाश के पर्व के रूप में मनाया जाता है | दिवाली मानाने के पीछे एक विशेष कारण है | इस दिन भगवान राम चौदह वर्षों का वनवास काटकर अपने नगर अयोध्या लौटे थे | उनके आने की खुशी में अयोध्या के लोगों ने सारे अयोध्या नगरी को दीपों से सजाया था | तभी से यह हर वर्ष एक त्यौहार के रूप में मनाया जाने लगा | 

इस दिन लोग अपने घरों  में भगवान गणेश व माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं | लोग पटाखे जलाकर भी खुशियां मानते हैं | यह त्यौहार धनतेरस, छोटी दीवाली को मिलाकर तीन दिनों तक मनाया जाता है | 


निबंध: 2 (200 शब्द)

दिवाली पर निबंध (200 शब्द) / Diwali Essay in Hindi (200 Words)

परिचय 

दिवाली को दीपों का त्यौहार भी कहा जाता है | दिवाली का त्यौहार हमें अंधकार से प्रकाश को ओर जाने का सन्देश देता है | दिवाली हर साल अक्टूबर-नवम्बर महीने में मनाया जाता है | यह त्यौहार प्रायः संपूर्ण भारतवर्ष में मनाया जाता है |

हम दिवाली क्यों मानते हैं ?  

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में भगवान राम अपनी माता कैकई के आदेश पर चौदह वर्षों के वनवास गए थे | वनवास की अवधि पूर्ण होने के पश्चात जब वे वापस अयोध्या लौटे तब उनके स्वागत में अयोध्या के लोगों ने अनेकों दीप जलाकर अयोध्या को प्रकाशमय कर दिया था | तभी से हर वर्ष संपूर्ण भारत में दीपावली धूम धाम से मनायी जाने लगी | 

दिवाली पर्व की विशेषता 

दिवाली के दिन लोग अपने घरों में भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की मूर्तियां स्थापित कर उनकी पूजा करते हैं | इस दिन लोग लोग घरों में तरह-तरह के के स्वादिस्ट पकवान बना कर उनका आनंद लेते हैं | बिजली की लाइटों और फुलझड़ियों से सभी अपने-अपने घरों को सजाते हैं | लोग तरह-तरह के आकर्षक पटाखे जलाकर भी खुशियां मानते हैं | 

इस प्रकार हम देखते हैं दिवाली का त्यौहार हमे अंधकार की समाप्ति के साथ उजाले की ओर अग्रसर होने का सन्देश देता है | 


निबंध: 3 (300 शब्द)

दिवाली पर निबंध (300 शब्द) / Diwali Essay in Hindi (300 Words)

परिचय 

दिवाली प्रत्येक वर्ष अक्टूबर-नवंबर महीने में मनाया जाता है | यह हर वर्ष दुर्गा पूजा के बीस दिनों बाद मनाया जाता है | दिवाली को अन्य नाम, दीपोत्सव या दीपावली के नाम से भी जाना जाता है | दिवाली के दिन लोग अपने घरों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करते है |

दिवाली मानाने के पीछे की मान्यताएं 

दीपावली मनाने के पीछे का मुख्य कारण श्री राम प्रभु का अपनी पत्नी सीता तथा भाई लक्ष्मण के साथ चौदह वर्षों का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटना था | उनके अयोध्या वापस लौटने पर अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर पूरे अयोध्या नगरी को जगमग कर दिया था | इसी दिन से प्रत्येक वर्ष हम भी दीपावली मानते आ रहें हैं |

दिवाली की परम्पराएं 

दीपावली के दिन लोग अपने घरों को दीयों और लाइटों से जगमग कर देते हैं | पूरा शहर आकर्षक लाइटों और झालरों के प्रकाश से रौशन हो उठता है | घरों में स्वादिष्ट पकवान और मिठाइयां बनायीं जाती है | पूजा के पश्चात लोग मिठाइयों और पकवानो का आनंद लेते हैं | 

मुख्यतः बच्चो में दीपावली के प्रति विशेष आकर्षण दिखाई देता है | बच्चे पटाखे जलाने को लेकर अत्यंत प्रसन्न और उत्साहित  होते हैं | तरह-तरह के पटाखे जैसे फुलझड़ियां, रौशनी, और बमों आदि के धमाकों से पूरा शहर गुंजायमान हो जाता है | 

दिवाली पर सावधानियां 

कई बार ऐसा देखा गया है की बच्चों द्वारा पटाखे छोड़ने के क्रम में दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं | अति उत्साहित होकर बच्चे कई बार असवाधान हो कर पटाखे जलाते हैं | इन सब से दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है | घर के बड़ों को चहिये की अपनी देख-रेख में बच्चों को खुली जगह पर पटाखे छोड़ने के लिए प्रोत्साहित  करें | ऐसा करने पर दीपावली के त्यौहार के दौरान को कोई अनैच्छिक घटना नहीं घटेगी और सभी खुशी-खुशी दीपावली मना सकते हैं | 

निष्कर्ष 

अतः हम यह देखते हैं की दिवाली हर्षोल्लाष एवं उमंग का त्यौहार है | यदि इस त्यौहार को थोड़ी सावधानी के साथ मनाया जाये तो यह हमारे जीवन में प्रत्येक वर्ष खुशियां लेकर आता रहेगा | 


निबंध: 4 (500 शब्द)

दिवाली पर निबंध (500 शब्द) / Diwali Essay in Hindi (500 Words)

परिचय  

दीपावली दो शब्दों के मेल से बना है ‘दीप’ और ‘अवली’ जिसमे दीप का अर्थ होता है ‘दीया’ और अवली का अर्थ होता है  ‘पंक्ति’ अर्थात दीपों के पंक्ति को दीपावली कहते हैं | इस त्यौहार का ऐसा नामांकरण भी इसलिए हुआ की इस दिन हिन्दू धर्म के सभी लोग अपने-अपने घरों को दिए की रौशनी से जगमग कर देते हैं | दीपावली प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है | यह प्रत्येक वर्ष अक्टूबर या नवम्बर के महीने में पड़ता है | 

छोटी दिवाली 

दीपवाली से एक दिन पूर्व छोटी दीपावली का दिन होता है | छोटी दिवाली को नर्क चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है | इस दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है | मान्यता यह है कि जो भी इस दिन यमराज की पूजा करता है उसे मृत्यु के बाद नर्क जाने से मुक्ति मिलती है | 

दिवाली से जुडी परम्पराएं 

दिवाली से कुछ दिन पहले से ही लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों की साफ़-सफाई करना आरम्भ कर देते हैं  | प्रतिष्ठानों के पुराने बही-खातों को बदल कर नया बही-खाता शुरू किया जाता है | उनमे नयी मूर्तियों को स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है तथा उसके बाद पुराणी मूर्तियों को विसर्जित कर दिया जाता है | पूजा के दौरान भगवान् गणेश को उनके प्रिये भोजन लड्डुओं का भोग लगाया जाता है | 

दिवाली के दिन लोगों के घरों में विशेष मिठाईयां और पकवान बनाये जाते हैं | इन पकवानों और मिठाईओं को लोग अपने मित्र, रिश्तेदारों और पड़ोसियों बांटते भी हैं | 

बच्चों में दिवाली का उत्साह देखते ही बनता है | वे अपने-अपने पसंदीदा पटाखे जलने में व्यस्त रहते हैं | बच्चों पटाखे जलने के समय असावधानी  के कारण  कई बार अप्रिय घटनाएं घट जाती हैं | घर के वयस्क सदस्यों को चाहिए की वे अपने देख-रेख में बच्चों को पटाखे जलने दें | 

दिवाली के त्यौहार से सीख 

हर त्यौहार से हमे कोई न कोई सीख अवश्य मिलता है | इस प्रकार दिवाली के त्यौहार से भी हमे कुछ सीख मिलता है | यह त्यौहार हमे  हमारे जीवन में स्वच्छता के महत्व को प्रदर्शित करता है | यह हमे अपने अंदर व बाहर दोनों की बुराइयों का अंत करने की प्रेरणा देता है | इसके साथ साथ दिवाली हमे बुराई रुपी अंधकार से दूर जा कर प्रकाश रूपी अच्छाई की और बढ़ने की प्रेरणा भी देता है | 

निष्कर्ष

इस प्रकार वर्ष में एक बार आ कर दिवाली का त्यौहार हमे अपने जीवन में स्वच्छता एवं प्रकाश का महत्व सीखा जाता है |  हमे भी इस त्यौहार के दिन प्रण करना चाहिए की अंधकार रूपीबुराई का अंत करके हम स्वयं एवं दूसरों के लिए प्रकाश का मार्ग सुगम करने का प्रयत्न करते रहें | 


निबंध: 5 (800 शब्द)

दिवाली पर निबंध (800 शब्द) / Diwali Essay in Hindi (800 Words)

परिचय

दीपावली प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के अमावस्या तिथि को मनाया जाता है | यह प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है | इस दिन सम्पूर्ण भारत दीयों और झालरों से जगमग हो उठता है | ना सिर्फ भारत में ही बल्कि अन्य देशों में जहाँ हिन्दू धर्मावलम्बी अधिक संख्या में रहते हैं, वहां भी उनके द्वारा यह त्यौहार मनाया जाता है | 

दिवाली मानाने को लेकर विभिन्न धर्मों की मान्यताएं 

दिवाली न सिर्फ हिन्दू धर्म बल्कि अन्य धर्मों जैसे जैन और सिख धर्म के अनुयायी भी मनाते हैं | इस त्यौहार को मनाने के पीछे इन सभी धर्मो की अपनी-अपनी मान्यताएं हैं |

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान राम चौदह वर्षो का वनवास की काल पूरी कर अयोध्या लौटे थे | उनके अयोध्या वापस लौटने की ख़ुशी में लोगों ने पूरे अयोध्या नगर को दीयों से रौशन कर दिया था | घर-घर मंगल गीत गाये गए थे | पूरा अयोध्या नगर अपने राजा प्रभु श्री राम के वापस आने की खुशी में हर्षोउल्लास में डूब गया था | उसी दिन से हम प्रत्येक वर्ष उसी तिथि को दीपावली मानते आ रहे हैं | 

जैन धर्म के लोगों के लिए भी दिवाली का विशेष महत्व होता है | इसी दिन भगवान महावीर ने निर्वाण प्राप्त किया था | इसके साथ सिख धर्मावलांबियों के लिए भी ये दिन महत्व रखता है क्यूंकि इस दिन ही 1577 ई में पंजाब में स्वर्ण मंदिर का शिलान्यास किया गया था | इसी दिन सिख धर्म के छठे गुरु हरगोबिंद सिंह को जेल से रिहा किया गया था | 

धनतेरस 

यह दीपावली से जुड़ा हुआ त्यौहार है | यह दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है | इसी दिन समृद्धि के देवता भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था | माना यह जाता है की इस दिन भगवान धन्वंतरि की उपासना करने से धन-धान्य और समृद्धि की कभी कमी नहीं होती है | धनतेरस के दिन किसी वस्तु की खरीदारी को शुभ माना जाता है | इस दिन सभी लोग चाहे वो गरीब हों या अमीर , कुछ न कुछ वास्तु जरूर खरीदते हैं | 

छोटी दिपावली 

यह दीपावली से एक दिन पूर्व मनाई जाती है | इसे नर्क चतुर्दशी भी कहते हैं | इस दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है |मान्यताओं के अनुसार इस दिन यम देवता की पूजा करने पर व्यक्ति को मृत्यु के बाद नर्क जाने से मुक्ति मिलती है | 

दिवाली के दिन की परमपराएँ 

दीपावली के दिन धन की देवी माता लक्ष्मी,  देवों में प्रथम माने जाने वाले भगवान गणेश तथा विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा की जाती है | इन देवी-दवाओं की आराधना करने से धन-धान्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है | लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों में इनकी मूर्तियां स्थापित कर पूजा अर्चना करते हैं | घरों में विशेष पकवान और मिठाइएं तैयार किये जाते है | पूजा के पश्चात सभी इन पकवानो का आनंद उठाते हैं | 

बच्चों में भी इस त्यौहार को लेकर विशेष उत्साह दिखाई देता है | बच्चे तरह-तरह पटाखे छोड़ते हैं | बच्चों के पटाखे छोड़ते समय कई बार असवाधान रहने के कारण दुर्घटनाएं भी होने की ख़बरें आती हैं | इससे इस त्यौहार के रंग में भंग पड़ जाता है | दिवाली का दिन ख़ुशी बीते इसलिए घर के बड़ों को चाहिए वे बच्चों को अपनी देख-रेख में ही पटाखे दें | इसे यह त्यौहार और भी आनंदमय हो जायेगा | 

कुछ लोग दिवाली के समय बुरे कामों में भी संलग्न रहते हैं | जैसे की जुआ खेलने में अथवा अनावश्यक रूप से पटाखे जलाकर दुसरो को परेशान करने में | इस तरह के कार्य करने से वे स्वयं तो त्यौहार अच्छे से नहीं मना पतेसाथ ही साथ दूसरों का भी त्यौहार मनाने की खुशी छीन लेते हैं |

हमे इस प्रकार के कार्य करने से बचना चाहिए जिससे दूसरों को परेशानी पहुंचता हो | इसके विपरीत यदि हमे कोई निर्धन या दरिद्र व्यक्ति जो त्यौहार मनाने में अक्षम हो, उसे अपने सामर्थ्य अनुसार हमें कुछ नए वस्त्र तथा मिठाईयां दान करनी चाहिए जिससे उस अक्षम व्यक्ति के लिए भी यह त्यौहार खुशियों भरा हो जाये | 

उपसंहार 

त्योहार हमारे जीवन में खुशियों का रंग भर देते हैं | दीपावली भी ऐसा ही त्यौहार है | हमे इस त्यौहार को आपसी सौहार्द के साथ मिलझुलकर मनानी चाहिए | इससे हम स्वयं भी खुशियां बटोर सकते हैं तथा दूसरों को बाँट सकते हैं | दिवाली के त्यौहार के दिन ऐसा प्रतीत होता है मानो घर-घर जलते दीयों की पंक्ति जैसे हमारे जीवन के अंधकार को समाप्त कर हमे प्रकाश की ओर ले जा रहा हो | दिवाली की मिठाइयां जैसे हमारे नीरस जीवन में मिठास घोल रहीं हो | हमे इस दिन यह संकल्प लेना चाहिए की सारे बुरे कर्मो को त्याग का प्रकाश रुपी सत्य के मार्ग की और अग्रसर हो | तभी दीपवाली के पर्व को मानाने का उद्देश्य सार्थक होगा | 

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